आयकर विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इस साल 15 फरवरी तक पिछले साल से करीब 1 लाख करोड़ रुपये ज्यादा टैक्स कलेक्शन हो चुका है। यही नहीं पिछले साल के मुकाबले अब तक करीब 6.5 लाख ज्यादा लोगों ने टैक्स रिटर्न दाखिल किया है। ताजा आंकड़े निर्धारण वर्ष 2019-20 के यानि वित्त वर्ष 2018-19 में फाइल किए गए टैक्स रिटर्न से जुड़े हुए हैं।
ये हैं 5 सबसे ज्यादा टैक्स देने वाले राज्य
निर्धारण वर्ष 2018-19 में केवल 6.28 करोड़ लोगों ने ई रिटर्न दाखिल किया था जबकि इस साल 15 फरवरी तक ये आंकड़ा बढ़कर 6.35 करोड़ हो गया है। यही नहीं इस दौरान पिछले साल के 8.05 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले नौ लाख करोड़ रुपये टैक्स कलेक्शन भी किया जा चुका है। इन आंकड़ों में देश में सबसे ज्यादा टैक्स देने वाले राज्यों में शीर्ष पांच पर महाराष्ट्र, दिल्ली, कर्नाटक, तमिलनाडु और गुजरात है।
करदाताओं के हिसाब से यूपी भी टॉप 5 में
वहीं करदाताओं के हिसाब से महाराष्ट्र, गुजरात, यूपी, तमिलनाडु और राजस्थान शीर्ष पांच में शामिल हैं। महाराष्ट्र में 2.97 लाख करोड़, दिल्ली में 1.08 लाख करोड़, कर्नाटक में 0.90 लाख करोड़, तमिलनाडु में 0.62 लाख करोड़ और गुजरात से 0.46 लाख करोड़ रुपये का कर संग्रह किया गया है। इसके अलावा हरियाणा मे करीब 30,000 करोड़, उत्तराखंड में 12,233 करोड़ रुपये, बिहार 5615 करोड़, झारखंड में 6654 करोड़ रुपये का कर संग्रह हुआ है।
उत्तर प्रदेश में 58.97 लाख लोगों ने रिटर्न भरा
इन राज्यों में से महाराष्ट्र में 99.39 लाख, गुजरात में 63.44 लाख, उत्तर प्रदेश में 58.97 लाख, तमिलनाडु में 40.70 लाख और राजस्थान में राजस्थान में 40.61 लाख लोगों ने 15 फरवरी तक ई-टैक्स रिटर्न फाइल किया है। वहीं दिल्ली में 34.46 लाख, हरियाणा मे करीब 24.28 लाख, उत्तराखंड में 7.57 लाख, बिहार 16.73 लाख लोगों, झारखंड में 10.60 लाख लोगों ने ई रिटर्न फाइल किया है।